जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सैदपुर में आयोजित दो दिवसीय कृषि प्रदर्शनी एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों, प्रशिक्षु शिक्षकों एवं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।इस दौरान कार्यक्रम नोडल डॉ मन्ज़र कमाल ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। सतत विकास के लिए पर्यावरण संरक्षण के साथ आधुनिक एवं जैविक कृषि पद्धतियों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रस्तुत मॉडलों, चार्टों और नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षकों और भावी शिक्षकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करते हैं।कार्यक्रम के दौरान जैविक खेती, जल संरक्षण, मृदा संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पौधारोपण, अपशिष्ट प्रबंधन तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विषयों पर आधारित प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। निर्णायक मंडल द्वारा विभिन्न श्रेणियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया गया, रेवतीपुर व सादात को प्रथम,मुहम्मदाबाद को द्वितीय और देवकली को तृतीय तथा डायट प्रशिक्षुओं को चतुर्थ पुरस्कार प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम नोडल एवं डायट प्रवक्ताओं के हाथों सहभागिता प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।समापन अवसर पर प्रतिभागी शिक्षकों और प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस प्रदर्शनी से उन्हें कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान को समझने का अवसर मिला।अंत में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया तथा नोडल नवल गुप्ता द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का विधिवत और सकुशल समापन किया गया। मंच संचालन प्रवक्ता राजवंत सिंह ने किया।इस अवसर पर डायट प्रवक्ता शिव कुमार पांडेय,अभय चंद्रा ,डॉ सर्वेश राय,आलोक तिवारी, बृजेश कुमार,डॉ अर्चना सिंह,राकेश यादव और डॉ निधि आदि उपस्थित रहे।



