सैदपुर,गाजीपुर
आज उप शिक्षा निदेशक प्रकाश सिंह के निर्देशन में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सैदपुर में बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापकों,ए आर पी एवं डायट प्रशिक्षुओं के दो दिवसीय जनपद स्तरीय कृषि प्रदर्शनी एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यक्रम का शुभारंभ उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रशिक्षुओं में कृषि के महत्व, जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण व संतुलन तथा सतत विकास आदि के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।कार्यक्रम नोडल डॉ0 मन्ज़र कमाल ने कहा कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पर्यावरण से गहराई से जुड़ी हुई है। बदलते समय में रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों को देखते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता और महत्व पर भी प्रकाश डाला। इस दौरान कार्यक्रम नोडल नवल गुप्ता ने भी इस कार्यक्रम की आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डाला और इस प्रकार के कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर भाग लेने की बात कही ।प्रदर्शनी में प्रशिक्षुओं एवं अध्यापकों द्वारा जैविक खाद,वर्मी कम्पोस्ट,जल संरक्षण मॉडल, पौधारोपण तकनीक, फसल चक्र, मिट्टी परीक्षण, वर्षा जल संचयन, औषधीय पौधों तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विविध मॉडल और चार्ट प्रस्तुत किए गए। इन प्रदर्शनों ने आगंतुकों को आकर्षित किया और व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया। सभी ब्लाकों और प्रशिक्षुओं के लगाए गए स्टालों का डायट प्रवक्ताओं द्वारा अवलोकन किया गया।कार्यक्रम में विद्यालय स्तर पर पर्यावरण मित्र गतिविधियों—जैसे पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण और हरित विद्यालय अवधारणा को लागू करने पर जोर दिया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लिया।दो दिवसीय प्रदर्शनी का पहला दिन न केवल शैक्षिक दृष्टि से उपयोगी सिद्ध हुआ, बल्कि शिक्षकों और प्रशिक्षुओं के माध्यम से समाज में कृषि जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रभावी रूप से प्रसारित करने में सफल रहा।इस अवसर पर निर्णायक मंडल के सदस्यों राजवंत सिंह,बृजेश कुमार, आलोक कुमार और प्रवक्ता डॉ0 अनामिका,शिवकुमार पांडेय,अभय चंद्रा,डॉ0 अर्चना सिंह,डॉ सर्वेश राय, हरिओम यादव,आलोक तिवारी,राकेश कुमार और डॉ शाज़िया रशीदी आदि मौजूद रहे।



